उगने को है सबेरा
रात के अंतिम पल में है बसेरा....
भोर में ओस की बूंदों में कुछ तो बात होगी...
उम्मीद की किरण साथ होगी...
रंगों में कुछ और रंग घुलेंगे..
जिंदगी में खुशियों की बरसात होगी...
चांदनी रात का तो भरोसा नहीं यारों ...
लेकिन रिन्दों की बारात होंगी...
चलती हवाओं ने इस बार फिर कहा है..
कभी मंद और कभी तेज़ नब्जों में..
प्यार की बरसात होंगी...
नव वर्ष मंगलमय हो..
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Hi5 Falling Stars 
सुन्दर संदेशा!!
ReplyDeleteवर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाने का संकल्प लें और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।
- यही हिंदी चिट्ठाजगत और हिन्दी की सच्ची सेवा है।-
नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!
समीर लाल
उड़न तश्तरी